मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को ग्राम पंचायत मोरघाट में आयोजित जनविश्वास शिविर में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासकीय योजनाओं और सेवाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी। उन्होंने ग्राम लोनादही, मोरघाट एवं बामला के ग्रामीणों से आत्मीय चर्चा करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने महात्मा गांधी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शिविर का शुभारंभ किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री प्रकाश चंद्र परिहार, सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार, वन मंडल अधिकारी श्री सचिन नड्डगडी, अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, एसडीओ श्री चंचल पवार, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, जनपद सीईओ श्री विनय प्रकाश आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।

बच्चों, महिलाओं और पोषण से जुड़ी योजनाओं की ली जानकारी

कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी लेते हुए पूछा कि ग्रामों में ऐसे कोई बच्चे तो नहीं हैं, जिनके माता-पिता दोनों नहीं हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन, बच्चों को पोषण आहार वितरण, लाड़ली लक्ष्मी योजना, जननी सुरक्षा योजना तथा कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली।

ग्राम बामला में लाड़ली लक्ष्मी योजना के एक हितग्राही को योजना का लाभ नहीं मिलने की जानकारी सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रकरण में किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने विद्यालयों के संचालन एवं व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए प्राथमिक शाला मोरघाट में शेड निर्माण के निर्देश दिए।

किसानों से जानी फसलों की स्थिति, 27 कालातीत किसानों की समस्या का समाधान

कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने किसानों से मक्का फसल की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को फसलों की स्थिति का वास्तविक एवं सही आकलन करने तथा कृषि विभाग के मैदानी अमले को किसानों को समय-समय पर सामयिक कृषि सलाह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर आत्मा विभाग द्वारा किसानों को सरसों की सही एवं वैज्ञानिक पद्धति से बुआई की जानकारी दी गई।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फसलों की स्थिति पर निरंतर नजर रखें और किसानों को आवश्यकता के अनुसार समय पर सलाह उपलब्ध कराएं। उन्होंने कालातीत किसानों से ऋण का भुगतान करने का आग्रह किया, ताकि वे ब्याज की राशि से बच सकें और खाद की उपलब्धता में भी किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने 31 मार्च तक ऋण चुकाने की पुरानी बाध्यता समाप्त कर दी है।

अब किसान ऋण लेने की तारीख से पूरे 365 दिन यानी एक वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर अपना ऋण जमा कर सकेंगे। कलेक्टर श्री वशिष्ठ की पहल पर शिविर में 27 कालातीत किसानों की समस्याओं का समाधान कराया गया।

संतरे की खेती की सफलता सुनकर किसानों को उद्यानिकी के लिए किया प्रोत्साहित

कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। इस दौरान एक किसान ने संतरे की खेती से प्राप्त लाभ की अपनी सफलता की कहानी साझा की। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने किसानों को परंपरागत खेती के साथ अपने रकबे के कुछ हिस्से में उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने किसानों को ‘ पर ड्रॉप मोर क्रॉप ’ योजना की जानकारी देते हुए ग्राम स्तर पर पात्र किसानों के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के अंतर्गत खाद्य आधारित उद्योगों के लिए उपलब्ध ऋण सहायता की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों से आवेदन कराने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश

कलेक्टर ने ग्रामों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए ग्राम लावाघोघरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामों में टीकाकरण अभियान तथा आयुष्मान वय वंदना योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को खाद्यान्न की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राशन दुकान खोलने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने कहा कि जनविश्वास शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों से प्राप्त समस्याओं एवं मांगों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।