11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मुरैना जिले में आयुर्वेद आधारित जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य गतिविधियों का व्यापक आयोजन किया जा रहा है। “स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद—एक स्वास्थ्य, एक भविष्य” थीम के तहत नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित आहार-विहार, नियमित योग, उचित दिनचर्या एवं ऋतुचर्या के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में नाड़ी परीक्षण, रक्तमोक्षण चिकित्सा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हीमोग्लोबिन एवं रक्त शर्करा की जांच सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए जा रहे हैं। चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार नागरिकों को आयुर्वेदिक औषधियों का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।

आयुर्वेद के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालयों में चित्रकला, रंगोली, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। विद्यार्थियों को आयुर्वेद, पोषण, पर्यावरण संरक्षण तथा औषधीय पौधों के महत्व की जानकारी दी जा रही है। नीम, तुलसी सहित रसोई में सामान्य रूप से उपयोग किए जाने वाले विभिन्न मसालों के औषधीय गुणों से भी नागरिकों को परिचित कराया जा रहा है, ताकि दैनिक जीवन में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।

अभियान के दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में बड़ी संख्या में नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध कराई गई हैं। जिला जेल में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में भी 85 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, आयुर्वेद औषधालयों एवं चिकित्सालयों में 23 सितम्बर 2026 तक जनजागरूकता, स्वास्थ्य परीक्षण, योगाभ्यास, औषधीय पौधों के रोपण सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य आयुर्वेद की सरल, सहज एवं स्वस्थ जीवनशैली को जन-जन तक पहुंचाना तथा नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं सजग बनाते हुए स्वस्थ समाज के निर्माण में सहभागिता बढ़ाना है।