पचमढ़ी का नाम सुनते ही झरनों और पहाड़ी दृश्यों की तस्वीर आती है। लेकिन पचमढ़ी बायोस्फियर रिजर्व का नक्शा पर्यटन नगर से कहीं बड़ा है। यूनेस्को के अनुसार इसका क्षेत्र 4,98,172 हेक्टेयर है। इसमें बोरी अभयारण्य, सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान और पचमढ़ी अभयारण्य के साथ उन संरक्षित हिस्सों से बाहर की जमीन भी जुड़ती है।

यह रिजर्व 2009 से यूनेस्को के Man and the Biosphere कार्यक्रम की सूची में है। बायोस्फियर रिजर्व की अवधारणा में जैव-विविधता संरक्षण के साथ स्थानीय समाज, आजीविका और टिकाऊ उपयोग को भी जगह मिलती है। इसलिए इसे केवल किसी राष्ट्रीय उद्यान का दूसरा नाम समझना अधूरा होगा।

ऊंचाई बदलती है तो वन भी बदलता है

पचमढ़ी की यूनेस्को प्रोफाइल में नम और शुष्क पर्णपाती वन तथा मध्य भारतीय उपोष्णकटिबंधीय पहाड़ी वन दर्ज हैं। सागौन और साल के साथ घाटियां, धाराएं और नम हिस्से पौधों के लिए अलग परिस्थितियां बनाते हैं। प्रोफाइल में 150 से ज्यादा औषधीय उपयोग वाले पौधों और 48 फर्न प्रजातियों का उल्लेख है।

प्रोफाइल के भूमि-उपयोग आंकड़ों में लगभग 63 प्रतिशत वन और 30 प्रतिशत कृषि भूमि बताई गई है। ये उसी अभिलेख के आंकड़े हैं, 2026 का नया सर्वे नहीं। उनसे यह जरूर स्पष्ट होता है कि इस भूभाग में खेती और जंगल पास-पास हैं।

वन का काम गांव तक

यूनेस्को गोंड और कोरकू समुदायों के वन से संबंध तथा शहद जैसी आजीविकाओं का उल्लेख करता है। मध्यप्रदेश की नोडल संस्था EPCO भी संरक्षण के अपने विवरण में स्थानीय काम और कौशल को साथ रखती है।

EPCO के प्रबंधन पृष्ठ में लाख, रेशम और औषधीय पौधों से जुड़े प्रयास, प्रशिक्षण, जल-संरचनाएं और प्रकृति-शिक्षा शामिल हैं। महिला स्वयं-सहायता समूहों के रेशम कार्य का भी विवरण मिलता है। ये दर्ज कार्यक्रमों के उदाहरण हैं; उनसे सभी परिवारों की आय या वर्तमान भागीदारी का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

इस तरह पचमढ़ी के बड़े नक्शे में जंगल के बीच बहता पानी, बाहर की खेती और घरों के काम एक दूसरे से जुड़े दिखाई देते हैं। बायोस्फियर रिजर्व की उपयोगिता इन्हीं संबंधों को संरक्षण के दायरे में समझने में है। पर्यटक स्थल उसकी एक पहचान है; वन और स्थानीय जीवन की यह जुड़ी भूमि दूसरी, कहीं विस्तृत पहचान है।

मुख्य बातें

  • यूनेस्को प्रोफाइल में पचमढ़ी बायोस्फियर रिजर्व का क्षेत्र 4,98,172 हेक्टेयर है।
  • बोरी अभयारण्य, सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान और पचमढ़ी अभयारण्य इसके संरक्षित हिस्से हैं।
  • EPCO के प्रबंधन विवरण में लाख, रेशम, औषधीय पौधे और प्रशिक्षण से जुड़े काम भी हैं।

स्रोत और संदर्भ

  1. UNESCO · Pachmarhi — Man and the Biosphere Programme ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  2. EPCO, मध्यप्रदेश शासन · Management Aspects ↗7 अक्टूबर 2021
  3. EPCO, मध्यप्रदेश शासन · Biosphere Reserves; activities through 2021–22 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

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