सेवा संकल्प अभियान- 2026 के अंतर्गत शासकीय इंदिरा गांधी पॉलिटेक्निक महाविद्यालय छिंदवाड़ा में आज छात्राओं में रचनात्मकता, नवाचार एवं सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में छात्राओं ने विभिन्न समसामयिक एवं तकनीकी विषयों पर आकर्षक चित्रों के माध्यम से भविष्य के भारत की कल्पना को जीवंत किया।

प्रतियोगिता की प्रमुख थीम ‘भविष्य का ऑफिस’, ‘ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य’, ‘ ग्रामीण विकास के लिए टेक्नोलॉजी’, ‘ ग्रीन टेक्नोलॉजी’, ‘ स्मार्ट कैंपस’ तथा ‘भविष्य की तस्वीर’ रहीं। छात्राओं ने रंगों और कल्पनाशीलता के माध्यम से तकनीकी विकास, पर्यावरण संरक्षण, स्मार्ट शिक्षा, ग्रामीण विकास तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की परिकल्पना को चित्रों में प्रस्तुत किया।

छात्राओं ने दिखाई रचनात्मकता - प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए तकनीक और रचनात्मकता के समन्वय को अपने चित्रों में अभिव्यक्त किया। चित्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हरित तकनीक, स्मार्ट कैंपस और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी विकास जैसे विषय विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे।

रचनात्मक गतिविधियां व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम: प्राचार्य - महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आलोक कुमार यादव ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इस प्रकार की रचनात्मक एवं नवाचार आधारित गतिविधियां विद्यार्थियों में कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं द्वारा तकनीकी विकास और विकसित भारत की परिकल्पना को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करना सराहनीय है।

विशेषज्ञ ने दिया चित्रकला का मार्गदर्शन - कार्यक्रम में सीएसई विभागाध्यक्ष श्री राकेश कुमार कावरे एवं एमओएम विभागाध्यक्ष श्रीमती नीलम खासकलम उपस्थित थी। मुख्य अतिथि केंद्रीय विद्यालय की श्रीमती पूजा उपाध्याय ने छात्र-छात्राओं को चित्रकला की विभिन्न तकनीकों, रंगों के संयोजन एवं प्रभावी प्रस्तुति के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया।

ये रहे विजेता - चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ग्लोरी पवार, द्वितीय स्थान मनीषा उइके एवं प्रीतिका मंडल तथा तृतीय स्थान महक कुरैशी एवं ख्वाहिश खान ने प्राप्त किया। कार्यक्रम का सफल आयोजन श्रीमती स्वाति चौरसिया, श्रीमती ओम कटकवार एवं श्रीमती शाहिस्ता अंसारी के मार्गदर्शन में किया गया।